ॐ
आदिदेव नमस्तुभयँ प्रसीद मम भास्कर ।
दिवाकर नमस्तुभ्यँ प्रभाकर नमोस्तुते ॥
पुजी ले चरण तोहार ऐ छठी मइया , दुखवा से करदअ उबार ऐ छठी मइया...
सुर्य उपासना के महान पर्व छठ के अवसर पर हार्दिक मंगलमय शुभकामना
छठ पर्व का एक भक्तीमय लोकगीत :
नरियवा जे फरेला घवद से
ओ पर सुगा मेड़राय
सुगवा के मरबो धनुष से
सुगा गिरे मुरझाय
रोवें सुगा के सुगनिया
सुगा काहे मारल जाए
रखियों हम छठ के बरतिया
आदित होइहें सहाय
दीनानाथ होइहें सहाय
सूरूज बाबा होइहें सहाय